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Protect yourself from Corona virus(अपने आपको कोरोनावायरस से बचाव)

Lockdown Protect yourself from Corona virus (अपने आपको कोरोनावायरस से बचाव)                 वर्तमान समय में अगर आप देखेंगे तो पूरे विश्वव्यापी समस्या चल रही है जिसको कोरोना वायरस के नाम से जाना जा रहे। वैसे इसका जो पूरा नाम है कोरोनावायरस (COVID-19) । अब समस्या यह है कि इससे  कैसे प्रॉब्लम क्या है? सबसे पहले जो लोग सामाजिक तौर पर कोई भी कार्य करते हैं या ऐसे कार्य करते हैं जिससे उन्हें समाज के लिए लोगों से मिलना पड़ता है, और भीड़ को इकट्ठा करना होता है। भीड़ से ज्यादा से ज्यादा बिजनेस में फायदा होता है। लेकिन फिर भी आपको सावधान रहना है क्योकि  कोरोनावायरस (COVID-19)  का जो इन्फेक्शन होता है वो एक व्यक्ति से दूसरे में फ़ैल जाता है जिससे आपको दूरी बनाकर रखनी है ये मै नहीं कह रहा हूँ टी. वी. न्यूज़ चैनल द्वारा ये समझाया जा रहा है  कि जो भी आप काम करते हैं, जैसे कि आपका कोई जॉब प्रोफाइल है जो कि समाज के लिए आपको काम करना पड़ता है तो इन सारी चीजों का ध्यान रखना होगा। हम समूचे विश्व की हम बात करें त...

स्वस्थ रहने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं

  स्वस्थ रहने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं स्वास्थ्य एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक रूप से संतुलित होता है। स्वस्थ रहना जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और बीमारियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है। स्वस्थ रहने के लिए कुछ विशिष्ट आदतें अपनाई जा सकती हैं जो हमारे शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचाती हैं। नीचे दिए गए सुझाव स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सहायक हो सकते हैं। क्या करना चाहिए संतुलित आहार लेना संतुलित आहार का अर्थ है सभी प्रकार के पोषक तत्वों का उचित अनुपात में सेवन करना। अपने आहार में ताजे फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, दालें, और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। नमक, चीनी, और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। नियमित व्यायाम नियमित व्यायाम शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रोजाना कम से कम 30 मिनट का शारीरिक व्यायाम करें, जिसमें तेज चलना, दौड़ना, योग, तैराकी, या साइकिल चलाना शामिल हो सकते हैं। व्यायाम शरीर को फिट रखने के साथ ही मानसिक तनाव को भी कम करता है। पर्याप्त नींद अच्छी नींद स्वस्थ जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस...

अब मन क्यों करता है कि मैं साधु बन जाऊँ?

  अब मन क्यों करता है कि मैं साधु बन जाऊँ? जीवन के अलग-अलग पड़ावों में, हम सभी कभी न कभी यह सोचते हैं कि इस दुनिया के आपाधापी और तनाव से दूर हो जाएं। मन में एक सवाल उठता है— "अब मन क्यों करता है कि मैं साधु बन जाऊँ?" यह विचार साधारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे कारण हो सकते हैं, जो हमारी मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्थिति से जुड़े होते हैं। 1. दुनिया की भागदौड़ से थकान आज की व्यस्त जीवनशैली और निरंतर प्रतिस्पर्धा ने लोगों को मानसिक रूप से थका दिया है। हर दिन की चुनौतियाँ, काम का दबाव, व्यक्तिगत समस्याएँ—ये सभी मिलकर व्यक्ति के मन को शांत नहीं रहने देतीं। ऐसे में, साधु बनने का विचार स्वाभाविक है, क्योंकि यह जीवनशैली सरलता, शांति और ध्यान पर आधारित होती है। 2. आध्यात्मिक खोज जीवन में कई बार हम भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद खुद को खाली महसूस करते हैं। धन, दौलत, सफलता के बावजूद आत्मा की गहरी तृप्ति नहीं होती। यह स्थिति अक्सर हमें आध्यात्मिकता की ओर खींचती है। साधु बनने की इच्छा इस खोज का प्रतीक हो सकती है, जिसमें हम संसार के मोह-माया से दूर होकर आत्म-साक्षात्कार की ओर...