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Who am I (मै कोन हूँ )

Who am I (मै कोन हूँ )

       सबसे पहले हर एक व्यक्ति ये सोचने को मजबूर हो जाता है कि वो है कौन और उसने इस दुनिया में जन्म क्यों लिया है ?

         कुछ समय बाद व्यक्ति जब वह अपने काम काज में व्यस्त हो जाता है तो वह अपने बारे में सोचना बंद कर देता है फिर रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त हो जाता है इसके बाद वह अपनी आकाँक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक धन कमाने में लग जाता है, और वह एक मशीन बनकर रह जाता है और कभी उसके मन में ये नहीं आता कि वह व्यक्ति कौन हैा वह व्यक्ति अपनी जूठी शान में जीता जाता है क्योकि उसको ऐसा लगने लगता है की उसने बहुत कुछ पा लिया है जब थोड़ा सा धन इकट्ठा कर लेता है या फिर उसको कोई उच्च पद प्राप्त हो जाता  है तो उसके मन में विकार उत्पन्न हो जाते है जैसे घमंड, अहंकार, लोभ, क्रोध और कुछ अन्य प्रकार के विकार इसमें शामिल है। 



        जब भी व्यक्ति इन विकारों में फसने लगता है या ग्रसित होने लगता है, तो वह "मै कौन हूँ " भूल जाता है और वह अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ती करने मै लगा रहता है ा
        लेकिन ऐसा कहा जाता है कि प्रकृति अपना संतुलन बनाती है और कुछ घटनाएं का घटना शुरू हो जाता है जिससे उस व्यक्ति के मन में उथल पुथल होना शुरू हो जाती है जिसको हम अंतर्मन मै विरोधभास एवं बेचैनी जैसी शुरू हो जाती है, अब व्यक्ति सोचने को मजबूर हो जाता है की करें तो क्या करेंा



         जब व्यक्ति के जीवन में प्रकृति का चक्र चलना शुरू होता है तब प्रकृति अपने द्वारा कुछ कार्य करके लोगों को मानव होने का एहसास दिलाती है और फिर उनको यह समझाने की कोशिश करती हैं कि मानव द्वारा अंधाधुंद जो कार्य किए गए हैं जिससे प्रदूषण बढ़ गया इस कारण से कई बीमारियां बढ़ गई जैसे कि आज अगर आप देखें तो पूरे विश्व स्तर पर क्रोना वायरस का प्रकोप देखने को मिल रहा है जिसमें कई लोग हजारों की संख्या में जो मौत के गाल में समा गए पता ही नहीं क्या काम किया उन्होंने दुनिया में क्यों जन्म लिया सवाल यह है कि हमें अपने जीवन को इन सब चीजों से कैसे बचाना है, क्योकि यदि आप बचे रहेंगे तो दुनिया के लिए कार्य करेंगे जब आप ही नहीं रहेंगे तो काम कैसे करेंगे अपने आप को पहचाने और की आप कौन है, आपने इस दुनिया में क्यों जन्म लिया है क्या कारण है आपको अपने लोगो के लिए और अपने देश के लिए, विश्व के लिए कौन कौन से कार्य करने है उनके लिए समय का निर्धारण जरूर कर लें क्यों की पता नहीं फिर समय आपको मिले न मिले, जब हम इस तरह के विचारों को अपने मन में लेट है तब पता चलता है की मुझे दुनिया के लिए और अपने लोगो के लिए व् देश के लिए कुछ जरुरी काम करने है मुझे इन सबका कर्जा चुकाना है क्योकि मैंने जहा जन्म लिया है, जहाँ पर हमने खाया पिया प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया उसके बदले में दुनिया को और प्रकृति को क्या दिया ये सबाल जरूर हमारे मन में आता है फिर अपने आप से पूछता कि मई कौन हूँ जबाब फिर नहीं मिला ा 



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